ज्यादा स्मार्ट बनाने की कोशिश मत करो ,क्योंकि पगले मेरे बाल भी तेरी औकात से बड़े हैं !
ज्यादा स्मार्ट बनाने की कोशिश मत करो ,
क्योंकि पगले मेरे बाल भी तेरी औकात से बड़े हैं !
दास्तान सुनाओ और मजाक बनजाऊं बेहतर तो यह है कि थोड़ा सामुस्कुराओ और खामोश हो जाऊं..
जाऊं बेहतर तो यह है कि थोड़ा सा
मुस्कुराओ और खामोश हो जाऊं..
तुमने समझा ही नहीं और ना समझना चाहा,हम चाहते ही क्या थे तुमसे “तुम्हारे सिवा
,
तू बन जा मेरी कि इस कदर चाहूंगा तुझे
कि लोग दुआ करेंगे तुझसा नसीब पाने के लिए
तुम शराफ़त को बाज़ार में क्यूँ ले आए हो…
दोस्त
ये सिक्का तो बरसों से नहीं चलता…!!