चलो एक कप चाय बनाते है,
तुम चीनी बन कर घुल जाना,
हम पत्ति बनकर रंग जमाते है।
सरफिरे तो बादल होते है !
लोग तो पागल होते है
अपेक्षाएं जहां खत्म होती हैं,सुकून वहीं से शुरू होता है !
“हमारे आंसूं पोंछ कर वो मुस्कुराते हैं,
उनकी इस अदा से वो दिल को चुराते हैं,
हाथ उनका छू जाये हमारे चेहरे को,
इसी उम्मीद में हम खुद को रुलाते हैं।”
शाम भी खास है, वक़्त भी खास है,
तुझको भी एहसास है, तो मुझको भी एहसास है,
इससे जयादा मुझे और क्या चाहिए,
जब मैं तेरे पास, और तु मेरे पास है