चलो एक कप चाय बनाते है,
तुम चीनी बन कर घुल जाना,
हम पत्ति बनकर रंग जमाते है।
चाँद तारो से रात जगमगाने लगी,
फूलों की खुश्बू से दुनिया महकने लगी,
सो जाइये रात हो गयी है काफ़ी,
निंदिया रानी भी आपको देखने है आने लगी
ज़िदगी जीने के लिये मिली थी,
लोगों ने सोच कर गुज़ार दी……
आँखे तो प्यार में दिल की जुबान होती है,
चाहत तो सदा बेजुबान होती है,
प्यार में दर्द भी मिले तो क्या घबराना,
सुना है दर्द से चाहत और जवान होती है.
इस तरह मिली वो मुझे सालों के बाद,
जैसे हक़ीक़त मिली हो ख़यालों के बाद,
मैं पूछता रहा उस से ख़तायें अपनी,
वो बहुत रोई मेरे सवालों के बाद!!