मुझे समझना है, तो बस अपना समझ लेना।
क्योंकि हम अपनों का साथ, खुद से भी ज्यादा निभाते हैं।
लोग चले है जन्नत को पाने की खातिर,
बेख़बरो को खबर कर दो माँ घर पर ही है.
दिल दुखाया करो इजाजत है,
भूल जाने की बात मत करना।
" दो ही नशा है जो मैं करता नहीं,और बिन किये भी मैं रहता नहीं,एक चाय और एक तुम.. "
ऐ सूरज, मेरे अपनों को पैगाम देना
खुशियों का दिन, हंसी की शाम देना
जब देखें प्यार से मेरे sms को तो
उनके चेहरे पे प्यारी सी मुस्कान देना
बड़ी गरज से चाहा है तुझे
बड़ी दुआओं से पाया है तुझे
तुझे भूलने की सोचूं भी तो कैसे
किस्मत की लकीरों से चुराया तुझे