तुम्हारा आगोश देता है सुकून-ए-इश्क़ मुझको,ज़िन्दगी भर अपनी बाहों में यूँही क़ैद रखना मुझे
तुम्हारा आगोश देता है सुकून-ए-इश्क़ मुझको,
ज़िन्दगी भर अपनी बाहों में यूँही क़ैद रखना मुझे
मुस्कुरना तो हर लड़की की अदा है,और मेरे भाई !अगर तू उसे प्यार समझे!तो तू गधा है।
" दो ही नशा है जो मैं करता नहीं,और बिन किये भी मैं रहता नहीं,एक चाय और एक तुम.. "
मैं ख्याल में हूँ तेरे,यातू ख्याल में है मेरे l
बात वफ़ाओ की होती, तो कभी न हारते,
बात नसीब की थी, कुछ ना कर सके।