कर्म का फल व्यक्ति को उसी तरह ढूंढ लेता है,
जैसे कोई बछड़ा सैकड़ों गायों के बीच अपनी मां को ढूंढ लेता है।
तुम आईना क्यूं देखती हो?बेरोज़गास करोगी क्या मेरी अॉखों को..
तुम आईना क्यूं देखती हो?
बेरोज़गास करोगी क्या मेरी अॉखों को..
हर किसी के पास,अपने अपने मायने हैं।खुद को छोड़ सिर्फ दूसरों के लिये ही आईने हैं.
हर किसी के पास,अपने अपने मायने हैं।
खुद को छोड़ सिर्फ दूसरों के लिये ही आईने हैं.
अब के हम बिछड़े तो शायद कभी ख़्वाबों में मिलेंजिस तरह सूखे हुए फूल किताबों में मिलें
Phool ki shuruvat kali se hoti hai,
Zindagi ki shuruvat pyar se hoti hai,
Pyar ki shuruvat apno se hoti hai aur
apno ki shuruvat aapse hoti hai.
HAPPY HOLI
जिस्म से होने वाली मोहब्बत का इज़हार आसान होता है
रूह से हुई मोहब्बत समझने में ज़िन्दगी गुजर जाती है