मैं एक बेक़सूर वारदात की तरह जहाँ की तहाँ रही,तुम गवाहों के बयानो की तरह बदलते चले गए।
मैं एक बेक़सूर वारदात की तरह जहाँ की तहाँ रही,
तुम गवाहों के बयानो की तरह बदलते चले गए।
जिस्मों से खेलने वाला मोहब्बत क्या करेगा,
वो गुनाहों का देवता है, इबादत क्या करेगा…
उदासियाँ तो चहरे पे धूल की तरह है
हम अंदर से तो कल भी वही थे आज भी वही है
Happy Teddy Day
इतने घने बादल के पीछे
कितना तन्हा होगा चाँद
लोगों का क्या है,
ये दुनिया हैं यहाँ अपने हाथों की लकीरें भी बदल जाती हैं
साहब.
गुड मॉर्निंग