Sawan Pyar Bhari Shayari
दिल को तिरी चाहत पे भरोसा भी बहुत है
और तुझ से बिछड़ जाने का डर भी नहीं जाता
कभी उनकी याद आती है,
कभी उनके ख्व़ाब आते हैं,
मुझे सताने के सलीके...
तो उन्हें बेहिसाब आते हैं…
Jante ho?
Mere liye mohabbat ka
kya matlab hai
Sirf tum..
मुझे सहल हो गई मंजिलें वो,
हवा के रुख भी बदल गये,
तेरा हाथ, हाथ में आ गया,
कि चिराग राह में जल गये।
Diye Hain Zindagi Ne Zaḳhm Aise;Ki Jin Ka Waqt Bhi Marham Nahin Hai!