जान ले लेगी अब ये ख़ामोशी,क्यूँ ना झगड़ा ही कर लिया जाये..!
मेरी मासूम सी मुहब्बत को ये हसीं तोहफे दे गए हैं,जिंदगी बन कर आए थे.. और जिंदगी ले गए हैं!
जब भी कोई करता है तारीफ,मैं अन्दर से थोड़ा डर जाता हूँ lये एक बोझ सा लगता है कभी,ना जाने कितनी बार झूठ भी कह जाता हूँ l
मंजर भी बेनूर था और
फिजायें भी बेरंग थीं
बस फिर तुम याद आये
और मौसम सुहाना हो गया
"अधूरे मिलन की आस हैं जिंदगी,
सुख-दुःख का एहसास हैं जिंदगी,
फुरसत मिले तो ख्वाबो में आया करो,
आप के बिना बड़ी उदास हैं जिंदगी "
है हक़ीक़त कि हमें आपके सिवा,
कुछ भी नज़र नहीं आता,
यह भी हकीकत है आपके सिवा,