चाय के कप से उठते धुए में तेरी सकल नजर आती है,
ऐसे खो जाते है तेरे खयालों में कि,
अकसर मेरी चाय ठंडी हो जाती है…...!!!
"सुप्रभात"
Yuhi aankhon se ansu bahte nahi,
Kisi aur ko hum apna kahte nahi,
Ek tum hi ho jo ruk se gaye ho zindagi mein,
Varna rukne ke liye hum kisi ko kahte nahi…
हर बात में आंसू बहाया नहीं करते,दिल की बात हर किसी को बताया नहीं करते,लोग मुट्ठी में नमक लेके घूमते है..दिल के जख्म हर किसी को दिखाया नहीं करते।
“हमारे आंसूं पोंछ कर वो मुस्कुराते हैं,
उनकी इस अदा से वो दिल को चुराते हैं,
हाथ उनका छू जाये हमारे चेहरे को,
इसी उम्मीद में हम खुद को रुलाते हैं।”
Udas na baitho fiza tang karegi,
Gujre hue lamho ki sazaa tang karegi,
Kisi ko na lao dil ke itna karib,
kyuki uske jane ke baad uski har adaa tang karegi….