सुन पगली
अकेले हम ही शामिल नहीं है इश्क की जुर्म में
जब नज़रे मिली थी तो तू भी मुस्कुराई थी
होठ तो खामोश रहेंगे वादा है मेरा आपसे।
निगाहें अगर कुछ कह बैठे तो,
खफा मत हो जाना।
💜
तड़प रहे है हम तुमसे एक अल्फाज के लिए,तोड़ दो खामोशी हमें जिन्दा रखने के लिए।
चाहने वाले तो मिलते ही रहेंगे,
तुझे सारी उम्र . . !
बस तू कभी जिसे भूल न पाए,
वो चाहत यकीनन हमारी होगी।
जी है बड़ी बादशाहत से जिंदगी,उम्मीद है आगे भी रहेगी कायम lकुछ पल का जलजला है,आगे तो फिर है सुकून बिन कोई गम l