माना आपको प्यार की कदर नहीं थी मगर दिल तो रख लिया होताइतनी जल्दी भूल गए उस प्यार को अरे थोड़ा सब्र तो कर लिया होता।
माना आपको प्यार की कदर नहीं थी मगर
दिल तो रख लिया होता
इतनी जल्दी भूल गए उस प्यार को अरे
थोड़ा सब्र तो कर लिया होता।
क्या दास्तान सुनाऊं तुमको अपनी मोहब्बत कीबस मिलकर बिछड़ गया महबूब इतना जान लो
कितना भी कह लूँ,कुछ बाकी रह जाता है lकितना भी पी लूँ,बिन साक़ी अधूरा रह जाता है l
जिस तरह चाँद आपको चाँदनी देता है, और फूल खिल कर खुशबू देता है,
उसी तरह मेरा दिल आपको Good Night कह देता है..!!
यादें मरती नहीं मार डालती है
ये वक़्त बेवक़्त मेरे ख्यालों
में आने की आदत छोड़ दो तुम,
कसूर तुम्हारा होता है और
लोग मुझे आवारा समझते हैं