“तुमने समझा ही नहीं और ना समझना चाहा,
हम चाहते ही क्या थे तुमसे “तुम्हारे शिवा।”
हंसना हंसाना ये कोषिश है मेरी,
सबको खुश रखना चाहता है मेरी,
कोई याद करे या ना करे,
हर किसी को याद करना आदत है मेरी
GOOD MORNING
दिल के अरमान,दिल तुझसे छुपाना चाहता है lये कब मोह्हबत में,तुझे पाना चाहता है lतुम्हें बना के खुदा,ये दिल मीरा हो जाना चाहता है l
लोग कहते हैं कि तू अब भी ख़फ़ा है मुझ सेतेरी आंखों ने तो कुछ और कहा है मुझ से
वो गई कुछ इस तरह,छोड़ के,इंतज़ार करता रहा, हर मोड़ पे l