एक आँसूं कोरे कागज़ पर गिरा,
वो अधूरा ख़त पूरा हो गया!
बे-ख़्वाबी कब छुप सकती है काजल से भी,
जागने वाली आँख में लाली रह जाती है!
फिर उसी बेवफा पे मरते हैं,फिर वही ज़िन्दगी हमारी है ।
इस बार भूले हो तुम भी कुछ,
याद दिलाऊंगा तुम्हें वो एक दिन l
तुम्हारी हर शिकायत का जबाब,
तुम्हारा भूलना होगा एक दिन l
"जितना जानता है वो,उससे जादा प्यार करती है lजितना दिखाता है वो,उससे जादा प्यार करता है l"
"एक दिन वो चाँद,कोई और तारा,ढूंढ लायेगा,तू रह जायेगा अकेला,वो किसी के साथ,टिमटिमायेगा l"
Good Night