जितना तुमने मुझे छोड़ा था..
मैंने उस से कहीं ज्यादा दुनियाँ को छोड़ दिया है..
खैर चले तो गए हो तुम अब बिछड़ भी जाओ मुझसे...
कुछ कहा, अनकहा रह जाने दो,कुछ सुना, अनसुना रह जाने दो,उसी कुछ की तालाश रह जाने दो,मोह्हबत मुझे यूँ भी तुमसे निभाने दो l
रहे जो जग से तन अकेला, मन चंचल ना होए,रहे जो तन, तन का मेला,जुबां ना आपा खोए l
हम है वफ़ा के पुजारी , हरदम वफ़ा करेंगे,
एक जान रह गयी है , इससे भी तुम पर फ़िदा करेंगे.
अल्लाह करे तुमको भी हो चाह किसी की,
फिर मेरी तरह तू भी, राह देखे रहा किसी की
मैं कुछ लम्हा और तेरे साथ चाहता था;
आँखों में जो जम गयी वो बरसात चाहता था;
सुना हैं मुझे बहुत चाहती है वो मगर;
मैं उसकी जुबां से एक बार इज़हार चाहता था।
“इन हसीनो से तो कफ़न अच्छा है,
जो मरते दम तक साथ जाता है,
ये तो जिंदा लोगो से मुह मोड़ लेती हैं,
कफ़न तो मुर्दों से भी लिपट जाता है.”