कोरा कागज था मन मेरा जिस
पर नाम है,था, सिर्फ और सिर्फ तेरा
हम आपको कभी खोने नहीं देंगेजुदा होना चाहो तो भी होने नहीं देंगेचांदनी रातों में जब आएगी मेरी यादमेरी याद के वो पल आपको सोने नहीं देंगेगुड नाईट
"मन अकेला और यादों वाला ज़माना होता है,ये नज़्म ही, तुमसे बातों का बहाना होता है l"
"जब शाम मिलता है, रात से,
उस वक़्त कभी, मुझसे मिलो ना,
सामने अंधेरा हो,पीछे उजाला हो,
चिराग इश्क़ का,उस पहर जलाओ ना l"
कुछ लुटकर, कुछ लूटाकर लौट आया हूँ,
वफ़ा की उम्मीद में धोखा खाकर लौट आया हूँ |
अब तुम याद भी आओगी, फिर भी न पाओगी,
हसते लबों से ऐसे सारे ग़म छुपाकर लौट आया हूँ |
Magar
rani sirf badsah ki hi hoti haii..