यहां तो लोग अपनी गलती नहीं मानतेफिर किसी को अपना कैसे मानेंगे
यहां तो लोग अपनी गलती नहीं मानते
फिर किसी को अपना कैसे मानेंगे
उसकी आँखें सवाल करती हैंमेरी हिम्मत जवाब देती है
उसकी आँखें सवाल करती हैं
मेरी हिम्मत जवाब देती है
कुछ चीजें कभी नही बदलती
जैसे माँ का प्यार, पिता की तुम्हारे
लिए चिंता और पुराने सच्चे दोस्तों का साथ |
" 'तुम ठीक हो' मेरे पूछने पे,जवाब 'हाँ' में आना ही..आज किसी मोह्हबत वाली,बात से जादा सुकून देता है l"
"जब भी उठाता हूँ कलम,सोचता हूँ तुम्हारा नाम लिख दूँ,पता नहीं क्या बात कहूँ,कुछ नहीं तो, अपना हाल लिख दूँ l"
कुछ लुटकर, कुछ लूटाकर लौट आया हूँ,
वफ़ा की उम्मीद में धोखा खाकर लौट आया हूँ |
अब तुम याद भी आओगी, फिर भी न पाओगी,
हसते लबों से ऐसे सारे ग़म छुपाकर लौट आया हूँ |