“माँ की ममता और पिता की क्षमता का अंदाजा लगाना असंभव है”
आज का सुविचार
शुभचिंतक वो नही होते जो आपसे रोज़ मिलें और बातें करें...
शुभचिंतक वो है जो आपसे रोज़ ना भी मिल सकें
फिर भी आपकी ख़ुशी के लिए प्रार्थना करें...
सुप्रभात
मुझे नहीं पता कि मैं एक बेहतरीन दोस्त हूँ या नहीं,
लेकिन मुझे पूरा यकीन कि जिनके साथ मेरी दोस्ती है…
वे बहुत बेहतरीन हैं।
Aage Badhana Hai To Bahare Ban Jao
Kuchh Logo Ko Chhod Kar Baaki Sab
Manobal Giraane Vaale Hi Hote Hai....
‘Kabhi Aap Dusro Ke Liye Mang Kar Dekho,
Kabhi Apne Liye Mangne Ki Zarurat Nahi Padegi..’