रफ़्तार कुछ इस
कदर तेज है जिंदगी
की,
कि सुबह का दर्द
शाम को पुराना हो
जाता है
जीवन बहती नदी है, अतः हर परिस्थिति में आगे बढे
जहा कोशिश का कद बड़ा होता है
वह नसीबो को भी झुकना पड़ता है
अपने रिश्तों और पैसों की कद्र एक समान करें,
दोनों को कमाना मुश्किल है, लेकिन गवाना बहुत आसान।
हे ईश्वर… बस एक छोटी सी दुआ है,
जिन लम्हों में, मेरे अपने मुस्कुराते हो…
वो लम्हे कभी ख़त्म न हो…
स्वयं को ऐसा बनाओ, जहाँ तुम हो, वहां तुम्हें सब प्यार करे,
जहाँ से तुम चले जाओ, वहां सब तुमें याद करें,
जहाँम पहुँचने वाले हो, वहां सब तुम्हारा इंतज़ार करें।