‘Kabhi Aap Dusro Ke Liye Mang Kar Dekho,
Kabhi Apne Liye Mangne Ki Zarurat Nahi Padegi..’
स्वास्थ ही असली सोना हैं,जो स्वस्थ नहीं उसे जीवन भर रोना हैं.
स्वास्थ ही असली सोना हैं,
जो स्वस्थ नहीं उसे जीवन भर रोना हैं.
अच्छाई और बुराई दोनों हमारे अंदर हैं
जिसका अधिक प्रयोग करोगे वो उभरती व निखरती जायगी
अहंकार” और “संस्कार” में फ़र्क़ है…
“अहंकार” दूसरों को झुकाकर कर खुश होता है,
“संस्कार” स्वयं झुककर खुश होता है..!
बुजदिल हैं वो लोग जो मुहब्बत नहीं करते
जिगर चाहिए खुद को बर्बाद करने के लिए