मैं दर्द का दरिया हूँ ,तुम सुकून का समन्दर हो जाना lडूबा लेना मुझको खुद में,मेरे लिए इश्क का कलन्दर हो जाना l
मै उसको चाँद कह दू ये मुमकिन तो है,मगर… लोग उसे रात भर देखें ये मुझे गवारा नहीं
दुनियाँ के शर्तो से बंध जाये शायद ये जीवन,अच्छा है सबसे तुमसे बंधा मेरा प्रेमी मन l
मेरे सपनों को तोड़ने को,नींद मुझसे लड़ती रही lमुझे भी जिद थी, जितने की,मैं एक पल भी सोया नहीं l
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सर झुकाओगे तो पत्थर देवता हो जाएगा
इतना मत चाहो उसे वो बेवफ़ा हो जाएगा