प्रेम से सनी मिट्टी में ही...,,
विरह के पुष्प उगते हैं ...
"जब भी उठाता हूँ कलम,सोचता हूँ तुम्हारा नाम लिख दूँ,पता नहीं क्या बात कहूँ,कुछ नहीं तो, अपना हाल लिख दूँ l"
"मैं बन के बादल, कंही भी बरस जाता,तुमसे मिलके फिर,मैं कहाँ तक जाता,तय है कि नदी बन, बहना है तेरी ओर,झरना मिलने कभी, समंदर नहीं जाता l"
हमारी गलतियों से कही टूट न जाना,
हमारी शरारत से कही रूठ न जाना,
तुम्हारी चाहत ही हमारी जिंदगी हैं,
इस प्यारे से बंधन को भूल न जाना.
नए वर्ष में हर रोज खुशियों की बरसात होगी
किसी के प्यार को पा लेना ही मोहब्बत नहीं होती है |
किसी के दूर रहने पर उसको पल पल याद करना भी मोहब्बत होती है |