छोड़ कर तुम्हारे सपनेकुछ और ना देखना चाहूंगा.ताउम्र तुमसे ही मोहब्बतमैं बेपनाह करना चाहूंगा..
छोड़ कर तुम्हारे सपने
कुछ और ना देखना चाहूंगा.
ताउम्र तुमसे ही मोहब्बत
मैं बेपनाह करना चाहूंगा..
आँसू नहीं हैं आँख में लेकिन तेरे बगैर,तूफान छुपे हुए हैं दिले-बेकरार में।
आँसू नहीं हैं आँख में लेकिन तेरे बगैर,
तूफान छुपे हुए हैं दिले-बेकरार में।
"ना वो मेरी जिम्मेदारी है,ना वो मेरी मज़बूरी है,साथी है राहों की मेरी,ज़िंदगी में मेरी जरुरी है l"