तेरे ख़त की इबारत की मैं स्याही बन गयाहोता तो चाहत की डगर का मैं भी राहीबन गया होता !
तेरे ख़त की इबारत की मैं स्याही बन गया
होता तो चाहत की डगर का मैं भी राही
बन गया होता !
दिल चीर जाते हैं... ये अल्फाज उनके...वो जब कहते हैं हम कभी एक नहीं हो सकते।
दिल चीर जाते हैं... ये अल्फाज उनके...
वो जब कहते हैं हम कभी एक नहीं हो सकते।
दौलत भी तू ले आयाशोहरत भी ले आयाथा तू ऐसा दिलकशतू अपने हसीन दिलको क्यों छोड़ आया
दौलत भी तू ले आया
शोहरत भी ले आया
था तू ऐसा दिलकश
तू अपने हसीन दिल
को क्यों छोड़ आया
चार दीवारों के अलावा भी,घर में कुछ होता है,दो बाहें होती है औरएक दिल होता है...