चार दीवारों के अलावा भी,घर में कुछ होता है,दो बाहें होती है औरएक दिल होता है...
अब तो शाम-ओ-सहर मुझे रहता हैं बस खयाल तेराकुछ इस कदर दुआओ सा मिला हैं मुझे साथ तेरा,की अब कोई शिकवा और शिकायत नही उस खुदा सेबस एक तुम्हे पाकर खुशियो से भर गया ये दामन मेरा
तेरा प्यार मेरी जिंदगी मेंबहार ले कर आया है,तेरे आने से पहले हर दिनपतझड़ हुआ करता था।
तेरा प्यार मेरी जिंदगी में
बहार ले कर आया है,
तेरे आने से पहले हर दिन
पतझड़ हुआ करता था।
शायर तो हम
“दिल” से है….
कमबख्त “दिमाग” ने
व्यापारी बना दिया.
वो मुस्कुरा के मुकरने
की अदा जानता है
मैं भी आदत बदल
लेता तो सुकून में होता