मेरी मंज़िल मेरे करीब है इसका मुझे एहसास हैगुमान नहीं मुझे इरदों पे अपनेये मेरी सोच अौर हौंसलों का भी विश्वास है
मेरी मंज़िल मेरे करीब है इसका मुझे एहसास है
गुमान नहीं मुझे इरदों पे अपने
ये मेरी सोच अौर हौंसलों का भी विश्वास है
परिंदो को मिलेगी मंज़िल एक दिन,ये फैले हुए उनके पर बोलते है,और वही लोग रहते है खामोश अक्सर,ज़माने में जिनके हुनर बोलते है 😌😌😌
परिंदो को मिलेगी मंज़िल एक दिन,
ये फैले हुए उनके पर बोलते है,
और वही लोग रहते है खामोश अक्सर,
ज़माने में जिनके हुनर बोलते है 😌😌😌