कुछ अल्फाज के सिलसिले से बनती है शायरीऔर कुछ चेहरे अपने आप में पूरी गजल होते हैं
कुछ अल्फाज के सिलसिले से बनती है शायरी
और कुछ चेहरे अपने आप में पूरी गजल होते हैं
"तुम जो पूछ लेती हो,कभी-कभी जो हाल,वक़्त काटने के लिए,ये ख्याल भी अच्छा है l"
“इन हसीनो से तो कफ़न अच्छा है,
जो मरते दम तक साथ जाता है,
ये तो जिंदा लोगो से मुह मोड़ लेती हैं,
कफ़न तो मुर्दों से भी लिपट जाता है.”
दूर हो जाने की तलब है तो शौक से जा…
बस याद रहे की मुड़ कर देखने की आदत इधर भी नही…
रिश्तों की ख़ूबसूरती एक दूसरे की बातें बर्दाश्त करने में है,
ख़ुद जैसा इन्सान तलाश करोगे तो अकेले रह जाओगे।
जिनकी याद तुम्हें खुशी के लम्हों में आई
समझो कि तुम उन्हें प्यार करते हो
और जो गम में याद आए
जान लो वो तुम्हें प्यार करते हैं