प्रेम से सनी मिट्टी में ही...,,
विरह के पुष्प उगते हैं ...
कुछ चीजें कभी नही बदलती
जैसे माँ का प्यार, पिता की तुम्हारे
लिए चिंता और पुराने सच्चे दोस्तों का साथ |
"मैं बन के बादल, कंही भी बरस जाता,तुमसे मिलके फिर,मैं कहाँ तक जाता,तय है कि नदी बन, बहना है तेरी ओर,झरना मिलने कभी, समंदर नहीं जाता l"
सफ़र में साथ तेरा, ऐ हमसफ़र!हमेशा नहीं होगा,मेरे दिल में, तेरे लिए दुआ के सिवा कुछ नहीं होगा l
"मेरे बस में होता तो, एक पल भी तुमसे दूर ना होता,तुम्हारी बाहों में गुजरती रात, फिर कभी दिन ना होता l"
सुबह का उजाला सदा आपके साथ हो, हर दिन हर पल आपके लिये खास हो,
दिल से दुआ निकलती है आपके लिये, सारी बात खुशियां आपके पास हो