प्रेम से सनी मिट्टी में ही...,,
विरह के पुष्प उगते हैं ...
कुछ चीजें कभी नही बदलती
जैसे माँ का प्यार, पिता की तुम्हारे
लिए चिंता और पुराने सच्चे दोस्तों का साथ |
"मैं बन के बादल, कंही भी बरस जाता,तुमसे मिलके फिर,मैं कहाँ तक जाता,तय है कि नदी बन, बहना है तेरी ओर,झरना मिलने कभी, समंदर नहीं जाता l"
"मेरे बस में होता तो, एक पल भी तुमसे दूर ना होता,तुम्हारी बाहों में गुजरती रात, फिर कभी दिन ना होता l"
किसी के प्यार को पा लेना ही मोहब्बत नहीं होती है |
किसी के दूर रहने पर उसको पल पल याद करना भी मोहब्बत होती है |