कल जो मिली थी खुशबु-ऐ-इत्र,उसकी बात तो बता रहा हूँ lऔर जो महका गया,वो कोना-कोना रूह तक lवो एहसास जिए जा रहा हूँ l
ये दूरियाँ कब मोह्हबत,
कम कर पाती है,
यादें तो बेहिसाब,
तन्हाई में आती है l
हर पल तू महफूज रहे
कभी मुश्किलों से ना हो तेरा सामना
ज़िन्दगी तेरी खुशहाल रहे
बस खुदा से है ये इल्तिजा
I love you. Good Morning
लफ्जों की तरह तुझे किताबों में मिलेंगे
बन के महक तुझे गुलाबों में मिलेंगे,
खुद को कभी अकेला मत समझना,
हम तुझे तेरे दिल में या तेरे ख्यालों में मिलेंगे.