ये कहना था उन से मोहब्बत है मुझ को
ये कहने में मुझ को ज़माने लगे हैं
यही वो दिन थे जब इक दूसरे को पाया था
हमारी साल-गिरह ठीक अब के माह में है
अपनी सांसो में महकता पाया है तुझे,
हर ख्वाब में बुलाया है तुझे,
क्यों न याद करे तुझको जब खुदा ने
हमारे लिए बनाया है तुझे...
Hamari Fikar Bhi Wahi
Karte hai Jo Hume
Behad Pyaar Karte hai.