चलो ये जुर्म भी कबूल है,
जो तेरी इजाज़त के बगैर तुझे अपना समझा.
दिल दुखाया करो इजाजत है,
भूल जाने की बात मत करना।
वासना खींचती है,प्रेम प्रतीक्षा करता है...
"जैसे बहती नदी, किनारों पे निशान छोड़ जाती है,जुगनू अँधेरे में अपनी, अलग पहचान छोड़ जाती है,कभी गुजरती है रेल पुल पे, मुझे सुनाई नहीं देता,तुम्हारे साथ होकर, ज़िंदगी पहचान छोड़ जाती है l"
"मिले ना मिले कहीं, उसके साथ चलना है,जैसे चलती दो पटरियाँ, वैसे साथ रहना है l"
लफ़्ज़ों में क्या तारीफ़ करूँ आपकी,
आप लफ़्ज़ों में कैसे समा पाओगे,
जब लोग हमारे प्यार के बारे में पूछेंगे,
मेरी आँखों में जानेमन सिर्फ तुम नज़र आओगे।
“Happy Valentine’s Day Sweetheart”