ना ज़रूरत उसे पूजा और पाठ की,
जिसने सेवा करी अपनी माँ-बाप की।
किसी ने पूछा
इस दुनिया में आपका
अपना कौन है....
मैंने हँसकर कहा-समय
अगर वो सही,तो सभी अपने
वरना कोई नहीं...!!
सुबह का प्रणाम सिर्फ रिवाज़ ही नही बल्कि आपकी फिक्र का एहसास भी है...रिश्ते जिन्दा रहे और यादें भी बनी रहे...
सेवा सबकी कीजिये मगर आशा किसी से मत रखिये क्योकि सेवा का सही मूल्य भगवान ही दे सकता है इंसान नहीं|
They Guide Us...They Support Us...They Inspire Us...They Teach Us...Today is the day to thank them and sayHappy Teacher's Day!!