किसी ने पूछा
इस दुनिया में आपका
अपना कौन है....
मैंने हँसकर कहा-समय
अगर वो सही,तो सभी अपने
वरना कोई नहीं...!!
बिना कुछ किये ज़िन्दगी गुज़ार देने से कहीं अच्छा है
ज़िन्दगी को गलतियां करते गुज़ार देना
जो बांधने से बंधे… और तोड़ने से टूट जाये…
उसका नाम है “बंधन”
जो अपने आप बन जाये… और जीवन भर ना टूटे…
उसका नाम है “संबंध”
अमर वही इंसान होते हैं
जो दुनियां को कुछ देकर जाते हैं
अपनी कमियाँ पूरी दुनिया से छिपाइए,
लेकिन अपनी कमियाँ कभी खुद से मत छिपाइए
अपनी कमियाँ खुद से छिपाने का मतलब होता है,
अपने आप को खुद बर्बाद करना