चलो आज इस जमीं को फिर से जन्नत बनाते हैं,
रोज न सही आज दो चार पौधे लगाते हैं।
पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं
पेड़-पौधों को जो इस तरह करोगे नष्ट ऑक्सीजन कम
मिलेगा और सांस लेने में होगा कष्ट।
विश्व पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं
मुस्कुराइये क्यूंकि आज वही कल है
जिसकी आपको कल बहुत फ़िक्र थी
सुईं चलती है कपड़े के ऊपर
बेहतरीन लिबास के लिए,
हर चुभने वाली चीज़ का मकसद
बुरा नहीं होता
Aaj Ka Suvichar