शब्दों का भी
तापमान होता है,
ये सुकून भी देते है
और जला भी
देते है...
सफर वहीं तक है जहाँ तक तुम हो,
नजर वहीं तक है जहाँ तक तुम हो,
हजारों फूल देखे हैं इस गुलशन में मगर,
खुशबू वहीं तक है जहाँ तक तुम हो।
मम्मी बोली - तू किसी शादी ब्याह में
नाचता क्यों नहीं है।
मैं बोला - नाचती तो लड़कियां है
हम तो भोले के भक्त है
पी के तांडव करते है। चप्पल की रफ़्तार 140 km.
Just wanted to say good morning to one of the person that means the world to me.