वक़्त मिले तो मेरे घर तक चले आना कभी,तेरी खुश्बू के मोहताज़ मेरे गुलदस्ते आज भी हैं.
क्या माँगू खुदा से तुझे,या तेरी परेशानियाँ माँगू lअब झुके सर सजदा को,रब से तेरी खुशियाँ माँगू l
"किताबों के बीच आज भी,उसके ख़त छुपा रखे है,आज भी हर शब्द में, तेरी मौजूदगी नज़र आती है l"
"एक दिन वो चाँद,कोई और तारा,ढूंढ लायेगा,तू रह जायेगा अकेला,वो किसी के साथ,टिमटिमायेगा l"
Good Night
दिल से निकली दुआ हमारी