दिल से निकली दुआ हमारी
दिल दिया था जिसको दीवानी समझ कर,खा गयी वो ब्रियानी समझ कर,एक कतरा भी ना छोड़ा खून का,पी गयी उसको भी निम्बू पानी समझ कर ||
Main uske haathon ka khilona hi sahi;
kuch der ke liye hi sahi, usne mujhe chaha to hai..
मुबारक हो तुम्हे नववर्ष का महिना !
चमको तुम जैसे फागुन का महिना !!
पतझर न आये तेरी जिन्दगी में !
यही हैं दोस्त अपनी तम्मना !!
न जाने क्या मासूमियत है तेरे चेहरे पर …..
तेरे सामने आने से ज़्यादा तुझे छुपकर
देखना अच्छा लगता है …!!!