नफरत बुरी है ना पालो इसे,
दिलों में खलिश है निकालो इसे,
न तेरा, न मेरा, न इसका न उसका,
ये सबका वतन है संभालो इसे.
बचपन कोरे कागज़ की तरह होता हैं, जिस रंग से भरोगे वैसा ही दिखेगा.
इसलिए अपने बच्चों के जीवन में सही संस्कार से भरना चाहिए
आज का सुविचार
मुसीबत सब पर आती है,
कोई बिखर जाता है और कोई निखर जाता है!!
खुद की पर्वा किए बिना दिन रात अन्न उपजाता है, सलाम है इस धरती माँ के पुत्र को जिसके कारण हमारा जीवन मुस्काता है।
छत टपकती हैं, .. उसके कच्चे घर की……
फिर भी वो किसान करता हैं दुआ बारिश की..
पिता जमीर है,
पिता जागीर है|
जिसके पास ये है वह सबसे आमिर है|
हैप्पी फादर्स डे पापा