मुसीबत सब पर आती है,
कोई बिखर जाता है और कोई निखर जाता है!!
वक़्त को भी हुआ है ज़रूर किसी से इश्क़,जो वो बेचैन है इतना कि ठहरता ही नहीं।
वर्षों से दहलीज़ पर कड़ी वो मुस्कान है,
जो हमारे कानो में धीरे से कहती है,
“सब अच्छा होगा”
मुसीबत में अगर मदद मांगो तो सोच कर मांगना क्योकि…
मुसीबत थोड़ी देर की होती है और एहसान जिंदगी भर का..!!
खुद की पर्वा किए बिना दिन रात अन्न उपजाता है, सलाम है इस धरती माँ के पुत्र को जिसके कारण हमारा जीवन मुस्काता है।
छत टपकती हैं, .. उसके कच्चे घर की……
फिर भी वो किसान करता हैं दुआ बारिश की..