जिधर भी जाओ किस्से है बीवी केकोई ला के रो रहा है तो कोई लाने के लिए रो रहा है..
ये तो अच्छा हुआ कि 1947 में Whatsapp नहीं था..वरना आजादी के लिए कोई जंग में उतरता ही नहीं...लोग घर बैठे ही कहते कि इस मैसेज को इतना फैलाओ कि अंग्रेज खुद भारत छोड़कर भाग जाये|
उसके बाद हमने ना रखी किसी से मोहब्बत की आस, क्योकि एक तजुर्बा ही था हमारे लिए बहुत खास.
केजरीवाल ने दिल्ली पुलिस को ठुल्ला(Thulla) कहा|शायद वो भूल गए की इसी दिल्ली पुलिस ने कई बार उनको बचाया है लोगो के जूते खाने से.....
भारत के नेतानेता जी की पत्नीनेता जी का बेटा भारत के मतदाताभारत का भविष्य