"ना जाने क्यों इतनी बेचैनी बढ़ जाती है,कोई बात कभी जहन में अटक जाती है,वैसे तो सब बेहतर है, कोई ग़म नहीं है,जब देखता हूँ तुमको, साँसे अटक जाती है l"
"कतरा-कतरा रौशनी का,होके हम जल जायेंगे..हो अंधेरा कितना घना भी,भोर बनके आयेंगे.... "
हर पुरानी बात कोछोड़ने की कोशिश,नये दिन के शुरुआत में करता हूँ,हर शाम लौट के वापस,कल के शाम के पास आ जाता हूँ l
"कुछ हसरते अधूरी ही रह जाये तो अच्छा है,कुछ बात अनकही रह जाये तो अच्छा है,उधार में रह गये जैसे पैसे याद रह जाते है,कुछ अधूरा रह गया प्यार भी अच्छा है l"
मेरी दीवानगी की कोई हद नहीं,
तेरी सूरत के सिवा मुझे कुछ याद नहीं,
मैं गुलाब हूँ तेरे गुलशन का,
तेरे सिवाएं मुझ पर किसी का हक़ नहीं.
फिर उम्मीदों भरी सुबह आई
सूरज को साथ ले आई
हमारी दोस्ती काा ये असर भी तो देखो
हवाएं आपको गुड मॉर्निंग कहने आई