Akele rahne ka bhi, apna hi sukoon h na
kisi ke aane ki khushi na kisi ke jaane ka gum
उस लड़की से बस इतना रिश्ता है,
मिल जाए तो बात वगैरह करती है,
Best Tahzeeb hafi Shayari
ख्वाबों को आँखों से मिन्हा करती हैनींद हमेशा मुझसे धोखा करती है।
उस लड़की से बस अब इतना रिश्ता हैमिल जाए तो बात वगैरा करती है।
क्यों जिंदगी इस तरह तुम दूर हो गए
क्या बात है जो इस तरह मगरूर हो गए।
हम तरसते रहे तुम्हारा प्यार पाने को
बेवफा बनकर तुम तो मशहूर हो गए।।
मिलने का वादा कर गयी थी,
वापस लौट आउंगी ये कहकर गयी थी,
आई है अब वो जनाज़े पे मेरे,
वादा वो अपना निभाने चली थी!!