आप कब सही थे
इसे कोई याद नहीं
रखता
लेकिन आप कब
गलत थे
इसे सब याद रखते है
क्या बेचकर हम खरीदे
फुर्सत ऐ जिंदगी,
सब कुछ तो गिरवी पड़ा है
जिम्मेदारी के बाजार में..!!
शब्द तो दिल से निकलते है,दिमाग से तो मतलब निकलते है..
मुझसे दोस्त नहीं बदले जाते चाहे लाख दूरी होने पर,
यहाँ लोगो के भगवान बदल जाते है एक मुराद ना पूरी होने पर|
हमारी हर एक सोच हमारा भविष्य बनती है।