बहुत कुछ कहना था,पर कैसे और क्या,ये समझ नहीं आया,तो हाँथ पकड़,उसने कहा 'बस',मैने भी साँसे रोक,ज़रा जोर से दबा दिया l
"दोस्ती से प्यार तक एक 'रेखा' खींच दी,बातों ने उनकी ना जाने कब मोह्हबत रच दी,ख्वाहिशें ना जाने कितना 'अंकुर' हो गये,आग दिल में लगा, उसने मेरी दुनियाँ तज दी l"
सुबह की ठंडी हवा,एक प्याली गर्म चाय,तुमसे थोड़ी बात,इतनी खुमारी बहुत हैlदिन भर के ताजगी के लिए l
चेहरे पर हंसी और आँखों में नमी सी है.
हर सांस कहती है आपकी कमी सी है..
"तुम्हारे पास हूँ लेकिन जो दूरी है, समझता हूँ,
तुम्हारे बिन मेरी हस्ती अधूरी है, समझता हूँ,
तुम्हें मैं भूल जाऊँगा ये मुमकिन है नहीं, लेकिन
तुम्हीं को भूलना सबसे ज़रूरी है, समझता हूँ...!”❤️
इंसान को अपने रिश्ते ठीक रखने की जरूरत हैं,
स्टेटस तो बनते बिगड़ते रहते हैं.
आपको शुभकामनाये
गुड मॉर्निंग