एक्टर दारा सिंह की कहानी

Story of Actor Dara Singh

ये कहानी हैं हिंदी सिनेमा के बेहतरीन एक्टर और वर्ल्ड फेमस रेसलर, जिसने कुश्ती में भी नाम कमाया और फ़िल्म एक्टिंग में भी. इन्होंने रामानंद सागर के एपिक सीरियल रामायण में एक ऐसा किरदार निभाया जिसने इन्हें हर घर में पॉपुलर बना दिया और ये बन गए महाबली हनुमान. ये अभिनेता दारा सिंह साहब की कहानी हैं. दारा सिंह साहब ने वैसे तो अपना करियर बतौर एक रेसलर शुरू किया था  और ये सिंगापूर और भारत में रेसलिंग करते थे. अभिनेता के साथ साथ ये राजनेता भी रहे. इन्होंने हिंदी के साथ साथ पंजाबी फ़िल्मों में भी काम किया. 

Dara Singh As Hanuman

जन्म, परिवार और कुश्ती 

दारा सिंह का जन्म 19 नवंबर 1928 को एक जाट सिख परिवार पंजाब में हुआ था. इनका पूरा नाम दीदार सिंह रंधावा था. एक बार ये अपने चाचा के साथ सिंगापुर गए और वहां पर अपनी रोजी रोटी कमाने का काम शुरू किया. लेकिन वहां पर इनके कुछ साथियों ने इन से कहा तुम कुश्ती क्यों नहीं करते, तुम्हारा शरीर भी अच्छा है. इसके बाद ये बतौर रेसलर काम करने लगे. धीरे धीरे ये कुश्ती में फेमस होने लगे और ये वर्ल्ड चैंपियन बन गए. 


फ़िल्मी करियर और लोकप्रियता 

कुश्ती से रुस्तम ए हिंदी का ख़िताब जीतने के बाद ये बहुत चर्चित हो गए. साल 1952 में आई फ़िल्म संगदिल इनकी पहली फ़िल्म थी. इनकी हेरोइन बनी मुमताज़ और इन दोनों ने एक साथ 16 फ़िल्मों में काम किया और हाईएस्ट पेड एक्टर्स ऑफ़ बी ग्रेड मूवीज बन गए. 

साल 1980 में इन्होंने टेलीविज़न में काम शुरू किया और इनको सबसे ज्यादा ख़्याति टेली शो रामायण में हनुमान बनने के बाद मिली. 

इन्होंने लगभग सभी बड़े एक्टर्स के साथ काम किया, जैसे राज कपूर, धर्मेंद्र, दिलीप कुमार, अनिल कपूर, अमिताभ बच्चन.. 


पर्सनल लाइफ और डेथ 

इनका बेटा विन्दु दारा सिंह भी एक बेहतरीन एक्टर हैं. विन्दु ने हिंदी फ़िल्मों के साथ साथ थिएटर्स में हनुमान का रोल प्ले किया हैं. 

दारा सिंह की लास्ट फ़िल्म जब वी मेट थी. 7 जुलाई 2012 को मुंबई के कोकिलाबेन हॉस्पिटल में दिल का दौरा पड़ने से इनकी मौत हो गई थी.