Most Handsome Villain Of Bollywood Super Star Vinod Khanna Biography, बॉलीवुड सिनेमा के सबसे स्मार्ट विलेन से सुपर स्टार विनोद खन्ना बनने की पूरी दास्तान

Bollywood Super Star Vinod Khanna Biography

हिंदी सिनेमा का एक ऐसा एक्टर जो फ़िल्मों में बतौर विलेन की भूमिका निभाने के लिए ही आया था. 

Vinod Khanna Biography


Super Star Vinod Khanna Biography

लेकिन उसकी किस्मत और दमदार अभिनय शैली ने उन्हें हिंदी सिनेमा का सुपरस्टार विनोद खन्ना बना दिया. 

विनोद खन्ना ने बॉलीवुड इंडस्ट्री में लगभग 145 से ज़्यादा फ़िल्मों में काम किया था. 

विनोद हिंदी सिनेमा जगत के एक ऐसे एक्टर थे जिन्होंने अमिताभ बच्चन के नंबर वन के टैग को भी हिला कर रख दिया था. 


जन्म,फैमिली और एजुकेशन 

विनोद खन्ना फ़िल्म इंडस्ट्री के सबसे स्मार्ट विलेन और पसंदीदा एक्टर थे, उन्हें हर कोई इनकी एक्टिंग और स्मार्टनेस के लिए बहुत पसंद करता था. 

इनका जन्म 6 अक्टूबर 1946 में पेशावर (वर्तमान पाकिस्तान) में हुआ था. इनके पिता कृष्णचंद एक बिज़नेस मैन थे. इनके जन्म के एक साल बाद ही देश का विभाजन हो गया और इनका परिवार पेशावर से बॉम्बे (मुंबई) आ गया. इनकी पढ़ाई बॉम्बे और दिल्ली से हुई और इन्होंने मुंबई के  Sydenham College से कॉमर्स में ग्रेजुएशन किया था. 


बॉलीवुड सिनेमा का सबसे स्मार्ट विलेन  vinod Khanna

फ़िल्मी करियर और वापसी 

फ़िल्मों में इनकी रूचि तब हुई जब ये बोर्डिंग स्कूल थे और उस समय की सबसे बेहतरीन फ़िल्मों  Solva Saal और Mughal-e-Azam को देखने के बाद शुरू हुई. 

विनोद खन्ना की पहली डेब्यू फ़िल्म साल 1968 में आई फ़िल्म Man Ka Meet थी जिसमें सुनील दत्त ने इन्हें एक विलेन की भूमिका में कास्ट किया था. 

इसके बाद इन्होंने कई सारे फ़िल्मों जैसे  Purab Aur Paschim, Sachaa Jhutha, Aan Milo Sajna, Mastana, Mera Gaon Mera Desh, Mere Apne और Elaan में सहायक और विलेन की भूमिका में काम किया. 

साल 1971 में पहली बार इन्हें बतौर हीरो फ़िल्म  Hum Tum Aur Woh  में मौका दिया गया. इसके बाद गुलज़ार साहब की फ़िल्म मेरे अपने से ये हीरो बनकर उभरे.  'अचानक' मूवी में आर्मी ऑफ़िसर की भूमिका में इनकी एक्टिंग की लोगों ने खूब सराहना की. 

अपने समय मैं विनोद जी टॉप पेड एक्टर्स मेंसे एक रहे हैं. इन्होंने शशि कपूर, अमिताभ बच्चन, जैसे एक्टर्स के साथ 47 मल्टी स्टारर फ़िल्म्स में काम किया हैं.  जबकि 101 फ़िल्मों में इन्होंने अकेले हीरो की भूमिका में काम किया. 

साल 1982 में विनोद खन्ना ओशो (रजनीश) के अनुयायी हो गए और इन्होंने इंडस्ट्री छोड़ के वास्को चले गए. 

पांच साल बाद इन्होंने फिर से इंडस्ट्री में वापसी की और आते ही इन्साफ जैसी फ़िल्म में काम किया और उनका जादू वैसे ही इंडस्ट्री में बरकऱर रहा. विनोद जी ने साबित कर दिया की सुपरस्टार हमेशा सुपर स्टार ही रहता हैं. 

इसके बाद 1987 से लेकर 2016 तक इन्होंने कई सारे फ़िल्मो में काम किया. 



Most Handsome Villain of Indian Cineam

पर्सनल लाइफ, बीमारी और मृत्यु 

विनोद जी की पर्सनल लाइफ बहुत ही उतार और चढ़ाव से भरा रहा. इन्होंने दो शादियां की थी. इनकी पहली शादी साल 1971 में अपनी कॉलेज फ्रेंड Gitanjali Taleyarkhan से की थी. इनसे इन्हें दो बेटे हुए, राहुल एयर अक्षय खन्ना और दोनों बॉलीवुड में एक्टर हैं. 

साल 1975 में ये ओशो के शिष्य बन गए और वास्को में रजनीशपुरम में चले गए. जिसकी वजह से इनकी बीवी और बच्चों को बहुत सारी परेशानियों का सामना करना पड़ा. इनके  बच्चों को लोग ये कहकर चिढ़ाते थे कि तेरा बाप तो अपने गुरु के साथ भाग गया. 

इसके इनकी पहली पत्नी से इनका तलाक़ हो गया और ये जब वापस आये तो इन्होंने Kavita Daftary से शादी की जिनसे इनके एक बेटा और एक बेटी हैं. 

2 अप्रैल 2017 को विनोद खन्ना को मुंबई के e Sir H.N. Reliance Foundation Hospital and Research Centre में डिहाइड्रेशन होने की वजह से भर्ती किया गया. 27 अप्रैल 2017 को  bladder cancer की वजह से इनका देहांत हो गया. 

विनोद जी एक बेहतरीन एक्टर थे ही लेकिन बहुत कम लोग ये जानते हैं कि ये एक क्रिकेटर भी थे. 

पॉलिटिकल करियर 

विनोद खन्ना जी एक सफल अभिनेता के साथ साथ ये बेहतरीन नेता और कैबिनेट मिनिस्टर भी रहे. साल 1997 में इन्होंने बीजेपी ज्वाइन की और अगले साल पंजाब के गुरुदासपुर से MP चुने गए. 

साल 2002 में वो अटल बिहारी वाजपेयी जी की सरकार में इन्हें Union Minister for Culture and Tourism बनाया गया और इसके 6 महीनें बाद इन्हें 

स्टेट कैबिनेट मिनिस्टर  "Ministry of External Affairs" बनाया गया. 

विनोद खन्ना जी केवल एक ऐसे बॉलीवुड स्टार थे जिन्होंने 4 बार लोक सभा इलेक्शन जीता था. 

फ़िल्म्स और अवॉर्ड 

विनोद खन्ना जी को उनकी एक्टिंग की वजह से साल 1999 में Filmfare Lifetime Achievement Award से नवाज़ा गया और साल 2017 में मरणोपरांत इन्हें  हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री के सबसे बड़े अवॉर्ड Dadasaheb Phalke Award के ख़िताब से भी नवाज़ा गया.

1969

  • Man Ka Meet
  • Nateeja

1970

  • Sachaa Jhutha
  • Mastana
  • Aan Milo Sajna
  • Purab Aur Paschim

1971

  • Jaane-Anjaane
  • Elaan
  • Reshma Aur Shera
  • Preetam
  • Rakhwala
  • Hungama
  • Mere Apne
  • Mera Gaon Mera Desh
  • Memsaab
  • Hum Tum Aur Woh
  • Dost Aur Dushman
  • Guddi

1972

  • Ek Hasina Do Diwane
  • Parichay
  • Anuraag
  • Sub Ka Saathi
  • Parchhaiyan
  • Ek Khiladi Bawan Pattey
  • Ek Bechara
  • Do Yaar

1973

  • Kuchhe Dhaage
  • Dhamkee
  • Pyaar Ka Rishta
  • Paanch Dushman
  • Gaddaar
  • Anokhi Ada
  • Achanak

1974

  • Aarop
  • Imtihan
  • Patthar Aur Payal
  • Haath Ki Safai
  • Kunwara Baap
  • Sauda
  • Farebi
  • Chowkidar

1975

  • Zameer
  • Qaid
  • Sewak
  • Prem Kahani

1976

  • Shankar Shambhu
  • Hera Pheri
  • Shaque
  • Nehle Pe Dehla
  • Lagaam

1977

  • Khoon Pasina
  • Amar Akbar Anthony
  • Aap Ki Khatir
  • Hatyara
  • Parvarish
  • Maha Badmaash
  • Jallianwala Bagh
  • Inkaar
  • Chor Sipahee
  • Adha Din Adhi Raat

1978

  • Aakhri Daku
  • Main Tulsi Tere Aangan Ki
  • Muqaddar Ka Sikandar
  • Khoon Ki Pukaar
  • Khoon Ka Badla Khoon
  • Daaku Aur Jawan

1979

  • Sarkari Mehmaan
  • Meera
  • Lahu Ke Do Rang
  • Yuvraaj
  • Do Shikaari

1980

  • Zalim
  • The Burning Train
  • Qurbani
  • Garam Khoon
  • Bombay 405 Miles

1981

  • Kudrat
  • Jail Yatra
  • Khuda Kasam
  • Ek Aur Ek Gyaraah

1982

  • Rajput
  • Insaan
  • Raaj Mahal
  • Taaqat
  • Daulat

1983

  • Daulat Ke Dushman

1987

  • Insaaf
  • Satyamev Jayate
  • Zameen

1988

  • Rihaee
  • Dayavan
  • Faisla
  • Aakhri Adaalat
  • Akarshan

1989

  • Ustaad
  • Suryaa: An Awakening
  • Batwara
  • Chandni
  • Mahaadev

1990

  • Maha-Sangram
  • Lekin...
  • C.I.D.
  • Jurm
  • Pathar Ke Insan
  • Muqaddar Ka Badshaah
  • Kaarnama

1991

  • Farishtay
  • Khoon Ka Karz
  • Dharam Sankat
  • Garajna

1992

  • Nishchaiy
  • Humshakal
  • Waqt Ka Badshah
  • Police Aur Mujrim
  • Maarg 

1993

  • Insaniyat Ke Devta 
  • Kshatriya
  • Parampara

1994

  • Pyar Ka Rog
  • Eena Meena Deeka
  • Ekka Raja Rani

1995

  • Janam Kundli
  • Hulchul

1996

  • Muqadama

1997

  • Maharani PratapTV Series
  • Himalay Putra
  • Dhaal
  • Dus

2001

  • Deewaanapan

2002

  • Kranti
  • Leela

2004

  • Bhola in Bollywood

2005

  • Pehchaan: The Face of Truth

2007

  • Risk
  • GodfatherLead role, Pakistani film

2007-2009

  • Mere ApneTV serial

2008

  • Halla Bol

2009

  • 99
  • Red Alert: The War Within
  • Wanted
  • Fast Forward

2010

  • Dabangg

2011

  • Tell Me O Kkhuda

2012

  • Players
  • Dabangg 2

2013

  • Ramaiya Vastavaiya
  • Ek Thi Rani Aisi Bhi

2014

  • Koyelaanchal

2015

  • Chooriyan
  • Dilwale

2016

  • Downtown

2020

  • Guns of Banaras

Awards

  • 1975 – Filmfare Best Supporting Actor Award for Haath Ki Safai
  • 1999 – Filmfare Lifetime Achievement Award
  • 2005 – Stardust Awards – Role Model for the Year
  • 2007 – Zee Cine Award for Lifetime Achievement
  • 2017 - Dadasaheb Phalke Award (posthumously)