ज़िंदगी जब देती हैं तो एहसान नहीं करती
और जब लेती हैं तब लिहाज नहीं करती,
दुनिया में दो पौधे ऐसे हैं जो मुरझाते नहीं हैं,
और अगर मुरझा गए तो उनका कोई इलाज़ नहीं होता.
पहला- निःस्वर्थ प्रेम
दूसरा- अटूट विशवास
सुप्रभात
मत पूछ कैसे गुज़र रहा है हर पल मेरा तेरे बिना,कभी बात करने की हसरत कभी मिलने की तमन्ना…
कमाल की निशानेबाज हो तुम
तिरछी नजर से भी सीधा दिल पे वार करती हो
Palak jhuka kar salam karte hai,
Dil ki dua apke nam karte hai,
Kabul ho agar to muskura dena,
Hum yeh pyara sa din apke naam karte hai.
नादान इनकी बातो का एतबार ना कर,भूलकर भी इन जालिमो से प्यार ना कर,वो क़यामत तलक तेरे पास ना आयेंगे,इनके आने का नादान तू इन्तजार ना कर!