ज़िंदगी जब देती हैं तो एहसान नहीं करती
और जब लेती हैं तब लिहाज नहीं करती,
दुनिया में दो पौधे ऐसे हैं जो मुरझाते नहीं हैं,
और अगर मुरझा गए तो उनका कोई इलाज़ नहीं होता.
पहला- निःस्वर्थ प्रेम
दूसरा- अटूट विशवास
सुप्रभात
मेरे दोस्तों ने इकट्ठा किया मेरे ही कत्ल का सामान,
मैंने उनसे कहा,
यारो तुम्हारी नफरत ही काफी थी मुझे मारने के लिए……
मुझे भी जरुरुत है तेरी बाहो की।दुनिया के वजूद और दुनिया के रास्ते बहुत कमजोर है.
खुदा करे वो मोहब्बत जो तेरे नाम से है,
हजार साल गुजरने पे भी जवान ही रहे।
तबाह होकर भी तबाही दिखती नही,ये इश्क़ है इसकी दवा कहीं बिकती नहीं।