कॉलेज में स्कूल की याद आई,
जवानी में बचपन की याद आई,
काँटों को चुना तो फूल की याद आई,
ज़िन्दगी को क़रीब से देखा तो दोस्तों की याद आई.
अपने साये से भी अश्कों को छुपा कर रोना
जब भी रोना तो चिरागों को बुझा कर रोना
जहाँ चोट खाना वहां मुस्कुराना
मगर इस अदा से के रोये सारा ज़माना
वक़्त बदलता है हालात बदल जाते हैं,
ये सब देख कर जज़्बात बदल जाते हैं
एक उमर बीत चली है तुझे चाहते हुए,
तू आज भी बेखबर है कल की तरह..!
आखों में कोई आंसू नहीं.
दिल में कोई डर नहीं.
ना आंसू ना डर.
मेरे प्यारे दोस्त,
आपको मेरे दिल से हैप्पी न्यू ईयर