घमंड न करना जिन्दगी में तकदीर बदलती रहती हैं,
शीशा वही रहता हैं बस तस्वीर बदलती रहती हैं…
उसी का शहर, वही मुद्दई, वही मुंसिफ
हमीं यकीन था, हमारा कुसूर निकलेगा
यकीन न आये तो एक बार पूछ कर देखो
जो हंस रहा है वोह ज़ख्मों से चूर निकलेगा
तूने रुख से नक़ाब क्या उठाया,
कम्बखत दिल मुँह को होने लगा,
शर्मा कर , सितारे हैं छुपने लगे,
महताब बादलों से जो निकलने लगा
प्यार दिल में होना चाहिए लफ्जों में नहीं
और
नाराजगी लफ्जों में होनी चाहिए दिल में नहीं
जिस्म से होने वाली मोहब्बत का इज़हार आसान होता है
रूह से हुई मोहब्बत समझने में ज़िन्दगी गुजर जाती है