घमंड न करना जिन्दगी में तकदीर बदलती रहती हैं,
शीशा वही रहता हैं बस तस्वीर बदलती रहती हैं…
दिल दिया था जिसको दीवानी समझ कर,खा गयी वो ब्रियानी समझ कर,एक कतरा भी ना छोड़ा खून का,पी गयी उसको भी निम्बू पानी समझ कर ||
बडी लम्बी खामोशी से गुजरा हूँ मै,किसी से कुछ कहने की कोशिश मे।
आज हम भी एक नेक काम कर आए,
दिल की वसीयत किसी के नाम कर आए,
प्यार हैं उनसे ये जानते हैं वो……,
मज़बूरी थी जो झुकी नज़रों से इनकार कर आए
तेरे रुखसार पर ढले हैं मेरी शाम के किस्से,
खामोशी से माँगी हुई मोहब्बत की दुआ हो तुम