राज तो हमारा हर जगह पे है…। पसंद करने वालों के “दिल” में
और नापसंद करने वालों के “दिमाग” में !!
पता है तुम्हारी और हमारी
मुस्कान में फ़र्क क्या है?
तुम खुश हो कर मुस्कुराते हो,
हम तुम्हे खुश देख के मुस्कुराते हैं…
Tu hasi chand kisi aur ka sahi
Par tu mere andhere ki roshni he…
लगता है जैसे कोई खूबसूरत शाम है…देखा तो पाया आपकी हंसी का खुमार है…जो आज के दिन चॉकलेट की तरह…हवाओ में भी घुला प्यार की मिठास है…!
वो शायद मतलब से मिलते हैं,
मुझे तो मिलने से मतलब है.!